धर्मशाला कॉलेज के स्टूडेंट रहे लाहुल के कमांडेंट चेतन सिंह के प्रयासों से बने एसएसबी का ट्रैनिंग सेंटर सपड़ी व डॉग ब्रीडिंग सेंटर पालमपुर

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धर्मशाला कॉलेज के स्टूडेंट रहे लाहुल के कमांडेंट चेतन सिंह के प्रयासों से बने एसएसबी का ट्रैनिंग सेंटर सपड़ी व डॉग ब्रीडिंग सेंटर पालमपुर
केलंग से विनोद भावुक की रिपोर्ट
एसएसबी के ट्रैनिंग सेंटर सपड़ी और डॉग ब्रीडिंग सेंटर पालमपुर के खुलने के पीछे जिस अफसर के खास प्रयास रहे हैं, वे लाहुल के केलंग उपमंडल के क्योर गांव के सेवानिवृत्त कमांडेंट चेतन सिंह हैं. कभी एसएसबी के यह दोनों सेंटर जम्मू में हुआ करते थे. कमांडेंट चेतन सिंह के प्रयासों से ये दोनों सेंटर कांगड़ा जिला में खुले, बल्कि ट्रैनिंग सेंटर सपड़ी के पहले कमांडेंट भी रहे हैं. वे कारगिल युद्व के दौरान लद्दाख में सेवाएं दे चुके है. साल 2002 में सेवानिवृत्त हुए 76 वर्षीय चेतन सिंह वर्तमान में लाहुल के एक प्रगतिशील बागवान हैं.
घाटी के पहले स्नातक
1945 में केलंग की तोद घाटी के क्योर गांव में पैदा हुए चेतन सिंह ने 1969 में पीजी कॉलेज धर्मशाला से स्नातक की पढ़ाई की. वह तोद घाटी के पहले स्नातक हैं. धर्मशाला कॉलेज में उनके शिक्षक रहे प्रोफेसर डॉ. आत्मा राम और पी एन शर्मा को याद करके वे भावुक हो जाते हैं.
प्लाटून कमांडर से कैरियर की शुरूआत
1972 में चेतन सिंह ने प्लाटून कमांडर के तौर पर अपने करियर की शुरूआत की. चार दशक के अपने करियर में उन्होंने उत्तर पश्चिम सहित कई बोर्डर एरिया में सेवाएं प्रदान की हैं. एक अफसर के तौर पर उनकी खास पहचान रही है. एक ट्रेनर के तौर पर एसएसबी के जवानों में वे खासे लोकप्रिय अफसर रहे हैं.
अब खेत के मोर्चे पर एक्टिव
सेवानिवृत होने के बाद चेतन सिंह पूरी तरह से समर्पित हैं. वे पांच साल तक एलपीएस के निदेशक रहे हैं. प्रज्ञा संस्था के साथ जुड़ कर उन्होंने लाहुल में बागवानी, कृषि और मेडिसनल प्लांट्स की खेती के लिए अथक प्रयास किए हैं. वे शून्य लागत प्राकृतिक खेती करने वाले लाहुल के पहले किसान हैं.

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