चंबा की नॉट ऑन मैप संस्था को मिला अंतरराष्ट्रीय अवार्ड : जिम्मेदार पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आजीविका बढ़ा रही संस्था

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चंबा की नॉट ऑन मैप संस्था को मिला अंतरराष्ट्रीय अवार्ड : जिम्मेदार पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आजीविका बढ़ा रही संस्था

फोकस हिमाचल ब्यूरो की चंबा से रिपोर्ट

चंबा की नॉट ऑन मैप संस्था विश्व मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाती जा रही है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संस्था को इंटरनेशनल सेंटर फार रिस्पांसिबल टूरिज्म(आईसीआरटी) अवार्ड से नवाजा गया है। संस्था को यह सम्मान देश के ग्रामीण क्षेत्रों में जिम्मेदार पर्यटन के माध्यम से लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए दिया गया है। कार्यक्रम में जिम्मेदार पर्यटन के जनक हेरोल्ड गुडविन, केरला आरटी मिशन के राज्य समन्वयक रुपेश कुमार, प्रधान सचिव टूरिज्म मध्य प्रदेश शियो शेखर शुक्ला, मध्य प्रदेश सरकार की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर सहित यूके, आस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका तथा फ्रांस के प्रतिनिधियों ने भी अहम भूमिका निभाई।स्टार्टअप हिमाचल : फ्रूट जैम और चटनी के कारोबार में तलाशी संभावनाएं, सहभागिता के बिजनेस मॉडल का कमाल, सिंगापुर का मीडिया कैरियर ठुकराया कोटगढ़ में ‘फ्रूट बगीचा’ सजाया

नॉट ऑन मैप संस्था की शुरुआत चंबा

सम्मान हासिल करने के बाद नॉट ऑन मैप संस्था के संस्थापक कुमार अनुभव तथा सह-संस्थापक मनुज शर्मा ने बताया कि आईसीआरटी एवं वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट (डब्ल्यूटीएम) की ओर से ऐसी संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो कि जिम्मेदार पर्यटन की दिशा में बेहतर कार्य कर रही हैं। इसके लिए देश में 20 संस्थाओं को चयनित किया गया है। उन्होंने बताया कि नॉट ऑन मैप संस्था की शुरुआत चंबा से हुई है। इसका हेडक्वार्टर भी चंबा में ही है। यहां से निकलकर अब संस्था पूरे देश में जिम्मेदार पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर रही है तथा लोगों को अपने साथ जोड़ रही है। इससे पहले भी संस्था को भारत सरकार की ओर नेशनल स्टार्टअप अवार्ड, नेस्काम आफ द ईयर, सोशल इनोवेटिव स्टार्टअफ आफ द ईयर सहित अन्य अवार्ड मिल चुके हैं।स्टार्टअप हिमाचल : फ्रूट जैम और चटनी के कारोबार में तलाशी संभावनाएं, सहभागिता के बिजनेस मॉडल का कमाल, सिंगापुर का मीडिया कैरियर ठुकराया कोटगढ़ में ‘फ्रूट बगीचा’ सजाया

पर्यटन के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रही संस्था

कुमार अनुभव ने बताया कि पर्यटन से जुड़े सभी लोगों से अपील है कि अपने व्यवसाय के जिम्मेदार बनाएं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पर्यटन का मतलब यह है कि हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का हद से ज्यादा दोहन नहीं करना है। जितनी जरूरत है, उतना ही उपयोग होना चाहिए। पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। समाज के सभी लोगों को भागीदार बनाया जाए। सभी की आर्थिकी सुदृड़ होनी चाहिए। वहीं, मनुज शर्मा ने बताया कि नॉट अॉन मैप संस्था जिम्मेदार पर्यटन की दिशा में लगातार बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आर्थिकी सुदृड़ हो सके। पर्यटकों का ध्यान इन क्षेत्रों की तरफ आकर्षित किया जा रहा है। इसमें यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि पर्यटकों व स्थानीय लोगों के बीच अच्छा समन्वय पैदा हो सके। पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों द्वारा अपने-अपने अनुभव एक दूसरे के साथ सांझा किए जाते हैं, जिसका लाभ दोनों को मिलता है।अजब-गजब : लद्दाख में है मैग्नेटिक हिल नाम से मशहूर ऐसी पहाड़ी जो गाड़ियों को ऊपर की ओर खींचती है, लोगों की मान्यता-कभी यहां होती थी स्वर्ग की ओर ले जाने वाली सड़क



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