कोई ‘हैप्पी हो तो हैप्पी जैसा, जिसके कुत्ते भी हैप्पी हैं

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कोई ‘हैप्पी हो तो हैप्पी जैसा, जिसके कुत्ते भी हैप्पी हैं
ये भाई साहब हैप्पी हैं कुराली के रोपड़ की और से जब जाएँ तो फ्लाईओवर शुरू होने से पहले जहां पुराना टोल नाका था वहीँ दाएँ और इनका एक छोटा सा बीड़ी सिगरेट नमकीन बिस्किट आदि का खोखा है अजय कन्फेक्शनरी के नाम से. दिन की सेल मात्र दो से ढाई हज़ार. उनके दो बेटे हैं. एक चंडीगढ़ से बी एस सी कर रहा है दूसरा कुराली में दसवीं.हैप्पी को आवारा कुत्तों की सेवा में आनंद आता है और कुत्ते भी हैं कि उससे बहुत प्यार करते हैं.
घर से खोखे यानि दुकान की दूरी एक किलोमीटर. वो जब सुबह घर से चलते हैं तो करीब 36 फुल्के लेकर. घर के गेट के पास एक कुत्ता मिलता है ठीक उनके दुकान जाने के टाइम पर नाम रखा है भूरी.
एक फुल्के और प्यार पुचकार से दुकान का सफ़र शुरू होता है. आगे कुछ कदम चल कर पांच और कुत्ते लाइन लगा कर इंतज़ार कर रहे होते हैं. उन्हें एक एक रोटी.
मज़े की बात कि अब कुत्ते इतने अभ्यासी हो गए हैं कि कोई एक दुसरे की रोटी नहीं छीनता. इसी तरह दूकान तक आते आते ये आंकड़ा 29 तक पहुँचता है सबके नाम व् मिलने की एक रजिस्टर में दर्ज़ कर रखे हैं. 6 कुत्ते दुकान पर हैं जिनके नाम कालि/भूरी /थानेदार/गूरी आदि हैं.
दोपहर को उनकी धर्मपत्नी जब घर से आती हैं तो वो भी रोटी देने की यही प्रक्रिया निभाती/दोहराती हैं और फिर शाम को घर जाते वक्त वे विस्किट डालते हुए जाते हैं. जगह जगह जहां वो मिलते हैं कुत्तों को बैठने के लिए बोरी बिछा रखी हैं ताकि ठण्ड न लगे. कई कुत्तों का सड़क पर एक्सिडेंट होता है और कुत्ता मरणासन्न हो तो मरने से पहले गंगाजल पिलाना नहीं भूलते. मरते हुए कुत्ते को ये कहते हैं कि रुक ऐसे मत मर जाना. मुक्ति पाने के लिए गंगाज़ल पी कर मरना.
एक बार एक पड़ोसी ने कहा कि क्या गन्दगी फैला रखी है तुम लोगों ने इंसानो वाले काम नहीं कर सकते तो ये दम्पती उससे भिड़ गए और कहा ‘ग्यानी’ जी हम तो इंसानो का ही काम कर रहे हैं तुम बताओ तुम्हारा ज्ञान कहाँ धरा है.
दो आवारा कुत्तों का एक्सीडेंट के बाद ऑपरेशन करवा चुके हैं, जिनमें से एक कुतिया डेढ़ महीने की सेवा के बाद मर गयी जिसके पांच छोटे छोटे बच्चे पाले और बाद में लोगों को घर में पालने हेतु दे दिए.और दूसरे कुत्ते की एक टांग काटनी पड़ी थी उसे अपने घर में पाल रखा है
इस सब पर उसे बहुत से लोग पागल कहते हैं.पर हैप्पी कहते हैं कि लोग जो मर्ज़ी कहें मुझे तो भगवान ने सेवा वख्शी है और में मरते दम तक करूँगा और भगवान ने सामर्थः किया तो भविष्य में घर पर डॉग हॉउस ही बना दूंगा, ताकि लोगों के तानों से बच सकूँ.
ये पूछने पर कि आपको क्या महसूस होता है
तो हैप्पी कहते हैं कि सकूँ मिलता है
ये सोचकर कि ये भी तो प्राणी हैं इनका कौन है
मैं हिन्दू हूँ गाय को माता मानता हूँ पहली रोटी गाय को देता हूँ तो ये भी तो भैरों का रूप हैं इनका भी तो रोटी यानि भोग पर पूरा हक है
कंटेंट व् फोटो – वीरेंद्र शर्मा ‘वीर ‘

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