कुत्तों की वफादारी और समझदारी के दो प्रसंग- सुकेत में राजा के कुत्ते रोबर की कब्र तो कसौली में अंग्रेजों के ज़माने में स्थापित कुत्ते की तांबे की प्रतिमा आज भी मौजूद

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कुत्तों की वफादारी और समझदारी के दो प्रसंग- सुकेत में राजा के कुत्ते रोबर की कब्र तो कसौली में अंग्रेजों के ज़माने में स्थापित कुत्ते की तांबे की प्रतिमा आज भी मौजूद
मंडी से विनोद भावुक की रिपोर्ट
जापान के टोक्यो शहर के बुआ स्टेशन पर स्थापित जापानी कुत्ते ‘हाईकू’ की प्रतिमा दुनिया भर में मशहूर है। कुत्ते और उसके मालिक के प्रेम और दुलार को बयां करती यह प्रतिमा मालिक के प्रति वफादारी की अनूठी कहानी बताई जाती है। ‘हाईकू’ रोज अपने मालिक को सुबह स्टेशन छोड़ने आता और शाम को स्टेशन से लेने आता। एक रोज उसका मालिक हादसे का शिकार हो जाता है और शाम को नहीं लौटता तो ‘हाईकू’ भूखा – प्यासा स्टेशन पर उसका इंतज़ार करते – करते दम तोड़ देता है। कुत्ता इंसान का सबसे अच्छा दोस्त है जो बिना शर्त प्यार और साथ देता है। दुनिया भर में कुत्तों की वीरता और वफादारी की अनगिनत कहानियां सुनाई जाती हैं। हिमाचल प्रदेश में कुत्तों की वफादारी और समझदारी की ऐसी ही दो कहानियां जिसके प्रमाण आज भी मौजूद हैं।
कसौली में अंग्रेजों के जमाने की कुत्ते की प्रतिमा
सोलन के टूरिस्ट डेस्टिनेशन कसौली के माल रोड़ पर कल्याण होटल के सामने सुर्ख काले रंग में लाल आंखों वाले एक कुत्ते की कांस्य की मूर्ति अंग्रेजो के समय से स्थापित है। माल रोड़ पर बनी इस इमारत में कभी मेडिकल स्टोर हुआ करता था, जिसके मालिक बी कलाचरण एंड संस थे। तब मेडिकल स्टोर पर शराब भी बिकती थी। बी कलाचरण इस मेडिकल स्टोर के मालिक थे और उनकी गिनती प्रभावशाली लोगों में होती थी। यह स्थान ब्रिटिश राज के सदस्यों के लिए फोकल पॉइंट था। एक रात कुछ लुटेरों ने इस मेडिकल स्टोर को लूटने की साजिश की। लुटेरों की हरकतें सुनते बी कलाचरण के बहादुर कुत्ते ने अपने मालिक को जगाया पुलिस के सहयोग से लुटेरों को पकडवाने में ख़ास भूमिका अदा की। अपने इस कारनामे से वह रातोंरात हीरो बन गया। एक अंग्रेज ने इस कुत्ते की तस्वीर को नॉर्थ डेवोन फाऊडरी इंग्लैंड को भेजी और वहां से तांबे की मूर्ति बनवा कर इसे उसी मेडिकल स्टोर के बाहर स्मारक के रूप में स्थापित किया, जो भी मौजूद है।
सुकेत के राजा के कुत्ते की सुंदरनगर में कब्र
एक षड्यंत्र के तहत सुकेत रियासत में राजा राजा भीमसेन के दरबारियों एक निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ साजिश बुनी और उस के सिर पर गंभीर आरोप मड दिए। आरोपी को दरबार में पेश किया गया और राजा ने आरोपों को सुना। जैसे ही फैसला लिखने के लिए राजा ने अपना पेन उठाया, उसके पालतू कुत्ते “रोवर” ने राजा के हाथ से पेन गिरा दिया। राजा ने फिर पेन उठाया तो कुत्ते ने फिर वैसा ही किया। राजा समझ गया कि कुत्ता कुछ राज की बात कह रहा है। राजा ने मामले की फिर से जांच करवाई तो खुलासा हो गया कि आरोपी निर्दोष है। सुकेत रियासत में रोवर का इतना रूतबा हो गया कि हर छोटे बड़े फैसले के दौरान उसकी उपस्थिति जरूरी हो गयी। जब रोवर की मौत हुई तो रियासत में शोक मनाया गया और राजकीय सम्मान के साथ कुत्ते का अंतिम संस्कार किया गया। उसकी कब्र बनवाई गई जो आज भी चंडीगढ़- मनाली हाईवे पर स्थित सुंदरनगर में देखी जा सकती है।

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