किशोर के जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में बदल जाने की कहानी है ‘द कैचर इन द राई’, दुनिया भर के किशोरों का लोकप्रिय नायक होल्डन कोफील्ड

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किशोर के जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में बदल जाने की कहानी है ‘द कैचर इन द राई’, दुनिया भर के किशोरों का लोकप्रिय नायक होल्डन कोफील्ड

 

उपन्यासकार – जे डी सैलेंजर, उपन्यास समीक्षा – शेली किरण

 

उपन्यास के लेखक जे डी सैलेंजर का जन्म अमेरिका के न्यूयार्क में 1919 में हुआ था। ‘द कैचर इन द राई’ उनका विश्व प्रसिद्ध उपन्यास है जो कि आज भी विश्व भर में पढ़ा और पढ़ाया जाता है। यह उपन्यास उन्होंने अपनी मां को समर्पित किया है। यह उपन्यास इतने बढ़िया ढंग से लिखा गया है कि दुनिया भर के किशोरों में अतिशय रूप से लोकप्रिय हो गया, जैसे यह उन सबके मन की बात करता था। उनकी भावनाओं को व्यक्त करता था। सेलेंजर के पिता एक यहूदी थे और एक कानूनी फर्म में एक वकील सलाहकार थे। उन्होंने स्कूल से निकाले जाने के बाद मीट इंपोर्ट कंपनी में काम किया, आर्मी में काम किया ,लेकिन वह इस सब से संतुष्ट नहीं थे, वे कहानियां लिखने लगे और उस समय की प्रसिद्ध पत्रिका न्यूयॉर्कर टाइम्स को भेजने लगे। उनकी मुलाकात विश्व प्रसिद्ध लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे से भी हुई और वे उनसे बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने बौद्ध धर्म भी स्वीकार किया। उनकी पहली  कहानी 1947 में लिखी गई ‘बनानाफिश’ थी जिससे उन्हें खास प्रसिद्धि नहीं मिली। 16 जुलाई 1951 में उनका उपन्यास ‘द कैचर इन द राई’ छपने के बाद वे दुनिया के महान लेखकों में शुमार हो गए। उन्होंने अपने इंटरव्यू में इस बात को माना किए उपन्यास बहुत कुछ उनके अपने जीवन की कहानी से मिलता है। जनवरी 27, 2010 को 91 साल की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई।

उपन्यास विश्व भर में  प्रसिद्ध होने की वजह

अब बात करते हैं उन कारणों की जिनके कारण यह उपन्यास विश्व भर में इतना प्रसिद्ध हो गया। अगर इसकी प्रसिद्धि का मुख्य कारण माने तो इसका नायक होल्डन कोफील्ड को माना जाएगा। यह अमेरिकी युवा का प्रतिनिधित्व करता है। उपन्यास की कहानी शुरू होती है होल्डन कोफील्ड के पैंसी हाई स्कूल से निकाल दिए जाने से, जोकि उस समय बहुत प्रसिद्ध स्कूल माना जाता था। इसके बारे में प्रसिद्ध था कि यह युवा लोगों को बदल देता है, जबकि होल्डन मानता है कि यह ऐसा कुछ नहीं करता, इसी कारण उसे विज्ञापनों से चिढ़ है। उसे लगता है कि विज्ञापन के माध्यम से घटिया चीज को भी बढ़िया कह कर बेचा जाता है। इससे पहले भी उसे दो बार अलग-अलग स्कूल से निकाला जा चुका है , इसलिए इस बात को वह अपने माता-पिता से छुपाना चाहता है, इसे शर्म का विषय मानता है और सोचता है कि न्यूयॉर्क में अपने घर पहुंचने से पहले वह कुछ देर अलग-अलग जगह पर आराम करेगा और क्रिसमस की छुट्टियों के बहाने अपने घर समय से पहुंचेगा ताकि ऐसे लगे की पैंसी हाई स्कूल में छुट्टियां होने के बाद ही वह घर आया है।

दिखावे और उथलेपन से बहुत उकता चुका नायक

होल्डन  की समस्या यह है कि वह संसार के दिखावे और उथलेपन से बहुत उकता चुका है। उसे बस में अपने एक सहपाठी की मां मिलती है,  जिससे वैसे सहपाठी के बारे में झूठी तारीफ करता है, उस औरत को वह अपना नाम भी गलत बताता है, लेकिन बाद में उसे अफसोस होता है कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था, क्योंकि वह उस औरत का मन नहीं दुखाना चाहता है। वह मन में सोचता है कि उसका बेटा सबसे बड़ा हरामजादा है जो पेंसी में आज तक स्कूल की हिस्ट्री में गया होगा, वह नहाने के बाद अपना तौलिया दूसरों के नितंबों पर मारता है और हंसता है, गोल्डन उसे बहुत ही उथला और कमीना लड़का समझता है, लेकिन उसकी मां की नजरों में उसकी छवि हीरो की बनाई रखता है।

पैसे की कमी नहीं पर कोई दिल के करीब नहीं

वह एक होटल में रुकता है, वहां पर तीन अजनबी दूर से आई हुई लड़कियों से बात करने की कोशिश करता है, ताकि उसका दिल लग सके, लेकिन वहां भी वह जल्द ही उकता जाता है। वह अपने पुराने संबंधों को जीने का प्रयास करता है वह एक 16 बरस का किशोर है, लेकिन वह होटल में दिखाना चाहता है कि वह 21 साल का है और दारु पीने योग्य है ,क्योंकि वह नहीं चाहता कि उसे बच्चा समझ कर धमकाया जाए। उसकी लंबाई अच्छी है वह काफी पतला है जैसे कि उसकी उम्र के सभी किशोर होते हैं। उसकी माता हमेशा मानसिक व्याधियों में घिरी रहती है उसके पिता हमेशा एक वकील की जिम्मेदारी में गिरे रहते हैं उसके पास रुपए पैसे की कोई कमी नहीं है। लेकिन वह मन से किसी को अपने करीब नहीं महसूस कर पाता है।

मानसिक तौर पर जुड़ने की कोशिश

होटल में भी उसकी मुलाकात मॉरिस नाम के होटल एलिवेटर ऑपरेटर से होती है जो उसे एक वेश्या उपलब्ध करवाने का वादा करता है और उसके कमरे में सनी नाम की एक वेश्या को भेज भी देता है। होल्डन उसकी हरी ड्रेस को अलमारी में टांग देता है और सोचने लगता है कि जब उसने यह ड्रेस खरीदी होगी तो बिल्कुल आम लड़की की तरह से खरीदा होगा वह उसके जीवन में रुचि लेने लगता है सनी पर करुणा महसूस होती है,वह उससे मानसिक तौर पर जुड़ने की कोशिश करता है। होलडन उस विषय में उससे बातचीत करना चाहता है। क्योंकि उसकी समस्या या तलाश शारीरिक संबंध नहीं है, उसकी समस्या यह है कि वह मानसिक स्तर पर लोगों से जुड़ना चाहता है ,वह वेश्या से वादा करता है  कि यदि वह कुछ देर उससे बातचीत करें तो वह उसे उसकी फीस दे देगा । किंतु फिर भी वह उससे चिढ़ जाती है और चली जाती है। बाद में सनी और मौरिस उसके कमरे में आते हैं, और उससे और रूपए की मांग करते हैं, इस बात का विरोध करता है वह चीखता- चिल्लाता है किंतु सनी उसके पैसे निकालती है और मॉरिस उसे पीट देता है ।वह कल्पना करता है कि वो मोरिश को गोली से उड़ा देगा। किंतु वह वास्तव में वैसा कुछ नहीं कर पाता और चुपचाप होटल से खिसक लेता है।

दिखावे और नकली व्यवहार से चिढ

ठंड में अपने सामान के साथ वह बिल्कुल अकेला है। अपना सामान एक जगह जमा करके वह अपनी प्रेमिका से मिलने की कोशिश करता है ।प्रेमिका भी उसे नहीं समझ पाती है और वह उसे दिखावेबाजों की रानी कहकर संबोधित करता है। वह सैली हेस से जब भी मिलता है ,उसे उसका शारीरिक सौंदर्य मुग्ध करता है, लेकिन वह सैली के सहज नहीं होने की आदत से चिढ़ता है। वह उसकी ड्रामा देखने की आदत को पसंद नहीं करता है, यह उसे सैली का नकली व्यवहार लगता है। उसे स्टेज के सब एक्टर भी नकली नजर आते हैं। केवल एक सुंदर स्कर्ट पहनने के लिए जब सैली ठंड में स्केटिंग का ऑप्शन चुनती है तो वह सैली से चिढ़ जाता है। हालांकि बाद में उसे इस बात का बहुत दुख होता है और वह सैली को मनाने की कोशिश भी करता है।

अच्छाई की तलाश

उसका भाई जेबी हॉलीवुड में काम करता है और वह इस बात से भी घृणा करता है। दिखावे की दुनिया को वह नकली समझता है उसे जीवन के उद्देश्य और अच्छाई की तलाश है। सैली से भी उसकी लड़ाई हो जाती है जो हर बात में ग्रेट बोलती है। वह फिर अकेला रह जाता है। फिर उसे अपने टीचर मिस्टर एंटनोनी के घर शरण मिलती है वह उसे बूथ से आधी रात में फोन करता है, जहां उम्र में उससे काफी बड़ी उसकी बीवी उसके लिए कॉफी और ठंडा केक रख कर चली जाती है, उसे दिखावेबाजी पर फिर चिढ़ आती है जब मिसेज एंटनोनी भी बिना मेकअप के उसके सामने आने से झिझकती है। एंटनोनी उसे जीवन का फलसफा समझाने की कोशिश करता है, एक लंबा चौड़ा भाषण शराबी अवस्था में उसे देता है, इस बात को होल्डन पसंद नहीं करता है, किंतु वह चुपचाप सुनता रहता है। उसे एक ऐसा बिस्तर दिया जाता है जहां उसकी टांगे बाहर लटकती रहती हैं, किंतु फिर भी वह सोना चाहता है, ताकि अपने मन को और थकावट को दूर कर सके। आधी रात को जब उसकी आंख खुलती है तो वह अपने पुराने अध्यापक एंटोनिनी को अपने सर को सहलाते हुए पाता है। वह डर जाता है, अध्यापक के बारे में विचार करता है कि एंटोलिनी एक समलैंगिक है और बच्चों पर बुरी नजर रखता है। डर कर होल्डन वहां से भी भाग खड़ा होता है वह उस संग्रहालय के पास जाता है, जहां उसकी 10 वर्षीय बहन का स्कूल है। उसे पूरी दुनिया में अपनी बहन ही सबसे ज्यादा मासूम और सच्ची नजर आती है।

किशोर के नजरिए से लिखा गया उपन्यास

यह उपन्यास एक किशोर के नजरिए से लिखा गया है। नरेटर इंट्रोवर्ट है अर्थात अपने तक सीमित है। और संसार को देखने का उसका एक अपना नजरिया है। वह खुलकर सेक्स के बारे में, सिगरेट और शराब के बारे में अपने विचार पाठकों के सामने रखता है। उसके पास एक नुक्ताचीन की नजर है जो लोगों के मन में छुपे हुए भावों और उनके कारणों को जान लेती है, इसी कारण उसे लोगों के दिखावे से और ज्यादा चिढ़ उत्पन्न होती है। वह चुपचाप अपने घर जा सकता है। वह अपनी बहन के कमरे में जाता है और उसे उठाकर अपनी स्थिति समझाता है। फोबी उसे कुछ पैसे देती है जो उसने क्रिसमस मनाने के लिए रखे थे। यह पाकर वह बहुत द्रवित हो जाता है और भावना में बहकर रोने लगता है, फोबी उसे चुप कराती है और बताती है कि माता-पिता घर में नहीं है और जल्द ही वो लोग लौटने वाले हैं। होल्डन उसे वह टूटा हुआ रिकॉर्ड गिफ्ट करता है जो उसने फोबी के लिए खरीदा था। फोबी उस टूटे हुए रिकॉर्ड को भी बहुत संभाल कर रख लेती है। जब वो लौटते हैं तो होल्डन फिर घर से भाग जाता है। वह मेहनत मजदूरी करके कुछ पैसे कमा कर जीवन यापन करने के बारे में सोचता है। लेकिन उसे फोबी के बारे में सोच कर बहुत बुरा लगता है और वह उसके क्रिसमस के पैसे लौटाना चाहता है।

व्यंग्य के रूप में लिखे उपन्यास में परिवारवाद का नहीं मजाक

रात भर ठंड में गलियों में भटकने के बाद अगले दिन फोबी से मिलने की कोशिश करता है तो देखता है फोबी ने भी अपना बैग उसके साथ जाने के लिए तैयार कर लिया है। गुस्से से फोबी को डांट देता है। वह इस बात से रूठ जाती है और उससे बातचीत बंद कर देती है। वह उसे मनाने के लिए चिड़ियाघर दिखाने का वादा करता है, लेकिन वह उससे फिर भी बात नहीं करती है। उसके पीछे- पीछे चलने लगती है, कभी उससे दूर निकल जाती है। होल्डन विचार करता है और पाता है कि फोबी भावना में बहुत सच्ची है। वह महसूस करता है कि परिवार ही व्यक्ति के सुख का आधार है। इस पूरे उपन्यास में कहीं भी परिवारवाद का मजाक नहीं बनाया गया है। हालांकि यह सारा उपन्यास व्यंग्य के रूप में लिखा गया है। होल्डन अन्य किशोरों की तरह धर्म और ईश्वर के प्रश्न से भी जूझ रहा है। वह मन में सोचता है कि हमारे परिवार के सभी बच्चे नास्तिक हैं। वह किसी ईश्वर के किसी मध्यस्थ की भूमिका से इनकार करता है वह सोचता है कि जीसस कभी भी बूढ़े जुडास को नर्क नहीं भेजते। उसे लगता है कि ऐसा करने वाले उसके शिष्यों में ही कोई रहे होंगे।

अभिभावक के रूप में किशोर

उपन्यास के अंत में होल्डन फोबी के अभिभावक के रूप में पेश होता है, उसकी सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करता है। फोबी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उससे घर लौटने का वादा करता है और घर लौट भी जाता है। होल्डन एक नायक के रूप में न तो बुरा है न ही अच्छा है। वह एक हाई स्कूल के बच्चे जैसा ही है, लेकिन अपनी भावनाओं को सही ढंग से व्यक्त करता है और उन्हें व्यक्त करने में बहुत ईमानदार है। वह भाषा का बहुत अच्छा प्रयोग करता है और ज्यादा से ज्यादा सच्चा रहने की कोशिश करता है। निश्चित रूप से अपनी आयु के किशोरों से अधिक परिपक्व है और संसार को सही देखना चाहता है। इस उपन्यास की बहुत आलोचना की गई है। विलियम फॉकनर का कहना है कि, ‘ यह सबसे अच्छा उपन्यास है, होल्डन की समस्या यह है कोई भी सही मार्गदर्शक नहीं मिला है और न ही वह किसी साधारण को स्वीकार करता है ,उसे कोई सही अध्यापक नहीं मिला है जो उसका विश्वास जीत पाता। जेम्स ब्रायन का कहना है कि, ‘वह एक जवान युवक की तरह है जो कि प्यार और संसार के बीच में फंस जाते हैं,  उनके भीतर हमेशा आत्माओं का संघर्ष चलता रहता है, वह बाहर लड़ाई और उत्पात नहीं करते न ही समाज के साथ संघर्ष करते हैं, उनका यह संघर्ष मानसिक होता है।’ गवेनिम और ब्लोथर का कहना है कि सेलेजर पश्चिमी के पहले फिक्शन लेखक हैं, जिन्होंने असाधारण रहस्यवाद को व्यंग्य के रूप में लिखा है। द कैचर इन द राई एक किशोर के व्यस्क के रूप में, जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में बदल जाने की कहानी है। यह व्यक्ति संसार को करुणा के रूप से में देखता है और सब के अपराधों को क्षमा कर देना चाहता है। क्योंकि उसका मानसिक स्वरूप हमेशा एक परिपक्व और व्यस्क के रूप में है। उपन्यास के शुरू में वह केवल अपने शरीर से बड़ा होता है, किंतु उपन्यास के अंत में वह भावनाओं से भी अनुभव के द्वारा मजबूत और परिपक्व हो जाता है।

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समीक्षक शैली किरण हमीरपुर जिला के नादौन की रखने वाली हैं और पेशे से शिक्षिका हैं।


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