कांगड़ा सीट का भाजपा को बीस साल से इंतज़ार, क्या बाप के बाद बेटा लगाएगा नैया पार ? संघ की पृष्ठभूमि वाले वरिन्द्र चौधरी भाजपा संगठन में निभा रहे हैं अहम जिम्मेदारी

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कांगड़ा सीट का भाजपा को बीस साल से इंतज़ार, क्या बाप के बाद बेटा लगाएगा नैया पार ? संघ की पृष्ठभूमि वाले वरिन्द्र चौधरी भाजपा संगठन में निभा रहे हैं अहम जिम्मेदारी
कांगड़ा से संजीव कौशल की रिपोर्ट
कांगड़ा सीट का भाजपा को बीस साल से इंतज़ार है, क्या बाप के बाद बेटा इस सीट पर भाजपा की नैया पार लगाएगा ? भाजपा के पूर्व मंत्री रहे स्वर्गीय चौधरी विद्या सागर के बेटे वीरेंद्र चौधरी की भाजपा संगठन में बढ़ती सक्रियता से ऐसे आकलन लगना शुरू हो गए हैं. संघ की पृष्ठभूमि वाले वीरेंद्र चौधरी का सामाजिक चेहरा कांगड़ा में भाजपा के अगले उम्मेदवार के तौर पर अभी से देखा जाने लगा है.
1998 में आखिरी बार जीती थी भाजपा
कांगड़ा विधानसभा सीट पर भाजपा के लिए पिछले बीस सालों से सुखा पड़ा हुआ है. इस सीट पर आखिरी बार भाजपा 1998 में जीती थी, जब ओबीसी से संबंध रखने वाले चौधरी विद्या सागर चौथी बार विधायक बने और बाद में प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में बनी सरकार में मंत्री बने.
मोदी लहर में भाजपा हारी 
उसके बाद बाजपा इस सीट को जीतने में कामयाब नहीं हो सकी. पिछले विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद भाजपा चुनाव हार गई. भाजपा के संगठनात्मक जिला कांगड़ा के अध्यक्ष संजय चौधरी दूसरी बार पवन काजल से हार गए. पिछले चुनाव में बतौर आजाद जीतने वाले पवन काजल इस बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा पहुँचने में कामयाब रहे.
भाजपा से सिर्फ विद्या सागर के नाम जीत
1982 में विद्या सागर के रूप में भाजपा को कांगड़ा में ऐसा नेता मिला जिसने 19 85, और 1990 में भाजपा को यहाँ से जीत दिलवाई. 1993 में जनता पार्टी के दौलत चौधरी से हार के बाद 1998 में फिर से फिर से भाजपा का परचम लहराने में कामयाब रहे और केबिनेट में जगह पाई. भाजपा के लिए कांगड़ा सीट को केवल चौधरी विद्या सागर ही जीत सके, बाकि कोई नेता भाजपा के लिए जीत दर्ज नहीं कर पाया.
राजनीतिक प्रभाव, युवाओं में खास पहचान
भाजपा टिकट पर संजय चौधरी यहाँ से लगातार दो चुनाव हार चुके हैं. जाहिर है अगले विधानसभा चुनाव के भाजपा किसी नए चेहरे की तलाश में होगी. संघ पृष्ठभूमि वाले वीरेंदर चौधरी को हाल ही में भाजपा संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली है. उन्हें भाजपा में ओबीसी मोर्चा की राष्ट्रिय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है. नीजी शिक्षण संस्थान का संचालन करने वाले वीरेंद्र चौधरी योग और रक्तदान की मुहिम चला रहे हैं. क्षेत्र में इस परिवार का खासा प्रभाव है जबकि युवाओं में वीरेंद्र ने अपनी खास पहचान बनाई है.

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