एचपीसीएमस्टार्टअप – अब सेब की हर साल होने वाली प्रूनिंग के कचरे से बनेगीं बायोडिग्रेडेबल प्लेट, कटलरी और पैकेजिंग सामग्री, कोटखाई के भानु उदय सिंह कंवर व देवांगिनी कंवर के स्टार्टअप का कमाल

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एचपीसीएमस्टार्टअप – अब सेब की हर साल होने वाली प्रूनिंग के कचरे से बनेगीं बायोडिग्रेडेबल प्लेट, कटलरी और पैकेजिंग सामग्री, कोटखाई के भानु उदय सिंह कंवर व देवांगिनी कंवर के स्टार्टअप का कमाल
शिमला से देव भरद्वाज की रिपोर्ट
शिमला के कोटखाई क्षेत्र से संबंध रखने वाले भानु उदय सिंह कंवर सिविल इंजीनियर थे, लेकिन सेब बेल्ट से होने के कारण उन्होंने पांच साल पहले अपनी जमी जमाई आकर्षक पॅकेज वाले जॉब को क्विट कर सेब के बागों में लौटने का इसलिए फैसला किया, क्योंकि वह लीक से हट कर कुछ ख़ास करने की सोच रहे थे। भानु को इस बात की जानकारी थी कि हर साल सेब के बगीचों में टनों के हिसाब से सेब के पेड़ का छिलका उत्पन्न होता है और उसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है। इसका कोई अन्य उपयोग नहीं होने के कारण ग्रामीण सर्दियों के दौरान आमतौर पर काटी गई टहनियों और शाखाओं को आग जलाने में प्रयोग करते है, जिससे प्रदूषण उत्पन्न होता है। भानु उदय सिंह कंवर ने सेब के बगीचों में वार्षिक आधार पर सेब की छंटाई ( प्रूनिंग )से उत्पन्न होने वाले कचरे का प्रयोग कर इसे उपयोग में लाने के इनोवेटिव आइडिया पर काम करने के लिए अपनी पत्नी देवांगिनी कंवर के साथ मिल कर हिमजॉय एंटरप्राइजेज की स्थापना की और अब कंवर दम्पति का यह स्टार्टअप सेब के पेड़ों के कचरे का प्रयोग बायोडिग्रेडेबल प्लेट, कटलरी और पैकेजिंग सामग्री बनाने में कर रहा है। ऐसे में जबकि केंद्र और राज्य सरकारें प्लास्टिक और प्लास्टिक आधारित उत्पादों के उपयोग को कम करने के लिए प्रयासरत हैं, इस स्टार्टअप के भविष्य में व्यापक स्तर पर सफल होने की अपार संभावनाएं है।
जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ़ इन्फार्मेशन टेक्नोलोजी सोलन का तकनीकी सहयोग
साल 2017 में कंवर दम्पति के इस आइडिया को हिमाचल प्रदेश सरकार की एचपीसीएम स्टार्टअप स्कीम के तहत चयन किया गया और इस इनोवेटिव आइडिया को स्टार्टअप में बदलने के लिए उद्योग विभाग की तरह से एक साल के लिए इन्कुविटी के तौर पर तकनीकी और वितीय सहायता प्रदान की गई। एक साल तक जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ़ इन्फार्मेशन टेक्नोलोजी, सोलन में स्थित इन्कुवेशन सेंटर की तकनीकी मदद से इस आइडिया को विकसित करने में अनुसंधान किया।
बायोडिग्रेडेबल प्लेट बनाने का प्रोटोटाइप विकसित
हिमजॉय एंटरप्राइजेज ने सीएसआईआर-एनआईआईएसटी केरल की मदद से सेब के पेड़ के कचरे का उपयोग करके बायोडिग्रेडेबल प्लेट बनाने के प्रोटोटाइप को सफलतापूर्वक विकसित किया है। इस स्टार्टअप के व्यावसायिक उपयोग के लिए प्रौद्योगिकी को और विकसित करने के लिए उन्हें आईआईटी, मंडी से वित्तीय अनुदान भी मिला है। साल 2021 में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन आते उद्योग एवं आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग के तहत ‘स्टार्टअप इंडिया’ में इस स्टार्टअप का चयन हुआ है।
विनिर्माण इकाई स्थापित करने की तैयारी
हिमजॉय एंटरप्राइजेज अब बायोडिग्रेडेबल प्लेटों के प्रोटोटाइप के सफल विकास के बाद विभिन्न बायोडिग्रेडेबल उत्पादों को विकसित करने के लिए अपनी पहली विनिर्माण इकाई स्थापित करने पर विचार कर रहा है। भानु उदय सिंह कंवर ने ‘फोकस हिमाचल’ को बताया कि इस स्टार्टअप के व्यवसायिक उत्पादन के शुरू होने पर जहां पर्यावरण की रक्षा करने में मदद मिलेगी, वही रोजगार सृजन के साथ सेब उत्पादकों आय बढाने में भी मदद मिलेगी।
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हिमजॉय एंटरप्राइजेज से संपर्क करने का माध्यम –
Website : www.himjoy.in
Call us at 8580634643
Email: himjoyshimla@gmail.com

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