एक शोरूम और एक बस के साथ की कारोबार की शुरुआत, आज ‘दीवान कृष्ण ग्रैंड सन’ के पांच शोरूम, दीवान ट्रांसपोर्ट के बेड़े में पांच बसें, 30 साल की उम्र में 30 लोगों को रोजगार प्रदान करने वाले सत्यम दीवान की प्रेरककथा

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एक शोरूम और एक बस के साथ की कारोबार की शुरुआत, आज ‘दीवान कृष्ण ग्रैंड सन’ के पांच शोरूम, दीवान ट्रांसपोर्ट के बेड़े में पांच बसें, 30 साल की उम्र में 30 लोगों को रोजगार प्रदान करने वाले सत्यम दीवान की प्रेरककथा
नगरोटा बगवां से संजीव कौशल की रिपोर्ट
23 साल के सत्यम दीवान ने वर्ष 2013 में फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स के पारिवरिक बिजनस से हटकर ‘दीवान कृष्ण ग्रैंड सन’ के ब्रांड के नाम से इलेक्ट्रोनिक्स की बिजनस की शुरुआत नगरोटा बगवां में किराए की दूकान में एक छोटे से शो रूम से ही थी. कभी दीवान परिवार ट्रांसपोर्ट के कारोबार में भी दखल रखता था, लेकिन बीच में ट्रांसपोर्ट का कारोबार बंद कर दिया. सत्यम दीवान ने 2013 में ही एक बार फिर से एक बस के साथ दीवान ट्रांसपोर्ट को रिस्टार्ट किया. 7 साल के कार्यकाल में वर्तमान में ‘दीवान कृष्ण ग्रैंड सन’ के मोडर्न शोरूम हैं, जबकि दीवान ट्रांसपोर्ट के बेड़े में पांच बसें शामिल हैं. ‘दीवान कृष्ण ग्रैंड सन’ के 2 मोडर्न शोरूम नगरोटा बगवां में, 2 मोडर्न शोरूम पपरोला में और एक शोरूम अल्हिलाल में स्थित है. ‘दीवान कृष्ण ग्रैंड सन’ दिवाली के अवसर पर शिमला में अपने छटे शोरूम को खोलने की तैयारी में है. 30 साल की उम्र में सत्यम दीवान अपने दोनों कारोबार में 30 लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं. उनका कारोबारी सफर बेहतरीन प्रबंधन की प्रेरक मिसाल है.
मोबाईल बेचने से की पहल, अब इलेक्ट्रोनिक्स की फुल रेंज
साल 2013 में सत्यम ने बैंक से 15 लाख का कर्ज लेकर किराए की दुकान से मोबाइल बेचने के साथ अपने कारोबार की शुरुआत की थी. आज उनके पाँचों शोरूम्स में पैनासोनिक, सैमसंग, वन प्लस, आईएफसी जैसे इलेक्ट्रोनिक्स के विभिन्न नामी ब्रांड्स की फुल रेंज उपलब्ध है. आज उनके इलेक्ट्रोनिक्स कारोबार का सालाना टर्नओवर करोड़ों में पहुँच चुका है. ‘दीवान कृष्ण ग्रैंड सन’ अपने कारोबार को अब और विस्तार देने की योजना पर काम कर रहा है.
नगरोटा बगवां व्यापार मंडल के सहसचिव
4 अगस्त 1990 को कारोबारी परिवार में सुरेश दीवान के घर पैदा हुए सत्यम दीवान की आरंभिक शिक्षा नगरोटा बगवां में हुई और धर्मशाला कॉलेज से एमबीए की पढाई करने के बाद कारोबार की दुनिया में कदम रखा. उनके पिता सुरेश दीवान भाजपा संगठन के मजबूत सतंभ रहे हैं और भाजपा मंडल नगरोटा बगवां के अध्यक्ष रहे हैं. बेशक सत्यम दीवान ने राजनीति के बजाये कारोबार को प्राथमिकता दी है, लेकिन वर्तमान में वह नगरोटा बगवां व्यापार मंडल के सहसचिव हैं और व्यापारियों के मुद्दों को लेकर हमेशा मुखर रहते हैं.
परिवार है पहली प्राथमिकता
व्यापार में दक्ष सत्यम दीवान एक मृदुभाषी और मिलनसार युवा हैं और सामाजिक कार्यों में बढ़- चढ़ कर भाग लेते हैं. उनकी शादी गगल के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार की बेटी अमीषा मोहली से हुई है. इस दम्पति की दो साल की एक बेटी है. सत्यम दीवान कहते हैं कि तमाम कारोबारी व्यस्तताओं के बावजूद परिवार उनकी पहली प्राथमिकता है. अपनी कारोबारी कामयाबी का राज सत्यम अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण को देते है. वह कहते हैं कि आज वे जहाँ हैं, वहां तक पहुँचने में उनको अपने परिजनों और स्टाफ का पूरा सहयोग मिला है.

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