एक दूजे के लिए- इसी को कहते हैं प्यार, हो गया चमत्कार

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एक दूजे के लिए- इसी को कहते हैं प्यार, हो गया चमत्कार
नगरोटा बगवां से जसवंत जस्सो की रिपोर्ट
गुलशन और शमां के बीच पाक प्रेम की कोंपलें अभी फूटने ही लगी थी कि बीबीए की पढ़ाई कर रही शमां साल 2010 में एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई. स्पाइनल इंजरी के चलते शमां का सिर से नीचे का सारा हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया. समां के परिजनों ने बेटी के उपचार के लिए पानी की तरह पैसा बहाया. 9 साल में देश- विदेश के विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद ली, लेकिन नतीजे ज्यादा उत्साहवर्धक नहीं रहे. शमां की जिंदगी बिस्तर तक सिमट कर रह गई पर गुलशन की चाहत उतनी ही बढ़ गई. 28 नवंबर 2019 को जब गुलशन सेहरा बांध कर बारात लेकर शमां के घर पहुंचा तो शमां चलने- फिरने में असमर्थ थी और विवाह की रस्में भी दूसरों का सहारा लेकर पूरी की और शमां को दुल्हन बना कर घर ले आया.
और होने लगा चमत्कार
गुलशन का मकसद अपनी पत्नी को ठीक करना हो गया. शमां नियमित फीजियोथ्रैपी और एक्सरसाइज से अब उठना और धीरे- धीरे चलना शुरू कर चुकी है. गुलशन हर रोज सुबह शाम तीन घन्टे शमां को एक्सरसाइज करवाने में सहयोग करता है. ज्यादातर डॉक्टर जिसके ठीक होने की आस छोड़ चुके थे, सच्चे प्रेम की ताकत ने मेडिकल सांइस को आईना दिखा दिया है.
शमां के जल्द ठीक होने की कामना
गुलशन शर्मा नगरोटा शहर के वार्ड 5 के निवासी हैं. शास्त्री की पढ़ाई करने वाले गुलशन पंडताई के काम के साथ बोटीचारे का काम करते हैं.गुलशन कहते हैं कि उन्हें यकीन है कि एक दिन आएगा जब शमां सामान्य जीवन जीने लगेगी. फोकस हिमाचल गुलशन के जज्बे को सैल्यूट करता है और शमां के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता है.

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