उसके हाथों के छूने से बोल उठी महेश भट्ट के स्टूडियों की दीवारें, देश भर में छा रहा ओल्ड मनाली के रोहित की पेंटिंग्स का जादू, हार्ले डेविसन के दिल्ली शोरूम को भी हाल ही में इसी पहाड़ी पेंटर ने डेकोरेट किया

Spread the love

उसके हाथों के छूने से बोल उठी महेश भट्ट के स्टूडियों की दीवारें, देश भर में छा रहा ओल्ड मनाली के रोहित की पेंटिंग्स का जादू, हार्ले डेविसन के दिल्ली शोरूम को भी हाल ही में इसी पहाड़ी पेंटर ने डेकोरेट किया
मनाली से विनोद भावुक की रिपोर्ट
रोहित के हाथों से छूने से दिल्ली की कैलाश कालोनी में स्थित हिंदी सिनेमा के नामी निर्देशक महेश भट्ट के स्टूडियो की दीवारें बोलती सी प्रतीत होती हैं.इनता ही नहीं, दिल्ली में खुले अमरीकन कंपनी हार्ले डेविसन के शोरूम को भी हाल ही में इसी पहाड़ी पेंटर ने डेकोरेट किया है.
वह दिल्ली में कई कंपनियों के लिए काम करते हुए अपने हुनर का कमाल दिखा चुके हैं। इंटरनॅशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशन मनाली के द हिमालया, गोल्डन ट्यूलिप, स्पर्श रिजार्ट, द हाइलेड जैसे बड़े होटलों में इन्टरनल डेकोरेशन कर चुका है।
वह मनाली के अलावा शिमला, धर्मशाला, कुल्लू में कई रेस्टोरेंट्स को नया लुक दे चुका हैरोहित ओल्ड मनाली में अपने कला के संसार को नई उड़ान देने में जुटा है.
होस्टल की दीवारें रंगने से शुरू हुआ सिलसिला
यूँ भी कह सकते हैं कि चित्रकला की प्रतिभा रोहित में जन्मजात है .हाँ उसकी कला जरूर चंडीगढ़ में परवान चढ़ी.रोहित का कहना है कि उनसे कभी किसी से ब्रश पकड़ना नहीं सीखा और न ही पेंटिग की बारीकियां.
रोहित जब पंजाबी विवि में बी फार्मेसी का स्टूडेंट था तो हॉस्टल की दीवारों पर तरह-तरह की पेटिंग बना देता था। विवि में पेंटिंग प्रतियोगिताओं में रोहित की पेटिंग सबके आकर्षण का केंद होती थी।
पढ़ाई और उसके बाद कुछ साल नौकरी के दौरान रोहित का चित्रकला के लिए पैसन बढ़ता ही गया.
रंगों पर कुर्बान कॉर्पोरेट की जॉब
रोहित ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद निजी कंपनी में कुछ साल तक नौकरी की, लेकिन वह अपने इस काम को लेकर संतुष्ट नहीं था.
2012 तक पहुँचते पहुँचते वह नौकरी छोड़ने का मन बना चुका था.
हालांकि रोहित का फैसला उस वक्त घर वालों को नागवार गुजरा. चंडीगढ़ में पले बड़े रोहित का चंडीगढ़ छोड़ कर मनाली जाने का फैसला भी घर वालों की नजर में उचित नहीं था, उधर रोहित कुछ दूसरी ही दुनिया के सपने बन रहा था.
ओल्ड मनाली में स्ट्रीट पेंटिंग
चण्डीगढ़ की नौकरी छोड़ कर रोहित ओल्ड म मनाली आ पंहुचा और ओल्ड मनाली में रंगों की दुनिया में रंग गया। ओल्ड मनाली में स्ट्रीट पेंटिंग शुरू की. पहली ही पेटिंग 4500 रुपये में बिक गई ।
रोहित ने मनाली के होटल, कैफे में पेंटिग बनाने की नई कांसेप्ट को जन्म दिया. रोहित इस दिशा में काम करने वाला पहला पेंटर है.
यह उसके हुनर का ही कमाल है कि अब वह महानगरों में बड़े आर्ट वर्क का हिस्सा बनने लगा है.
रोहित आर्ट गैलरी का सपना
रोहित ने रोहित आर्ट वर्क के नाम से अपनी कंपनी बनाई है.
रोरिक आर्ट गैलरी की तरह रोहित आर्ट गैलरी स्थापित करने के सपने को पूरा करने के लिए रोहित दिन रात रंगों की दुनिया में साधनारत है.
ओल्ड मनाली के युवाओं को रोहित इस कला के गुर सिखाने के साथ हिमाचल की संस्कृति को चित्रकला के जरिये दुनिया तक पहुँचाने के मिशन में जुटा है.देश के इस उभरते चित्रकार को सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं.

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *