आज़ादी का अमृत महोत्सव : 19 की आयु में स्वतंत्रता संग्राम में कूदी सरला शर्मा को ब्रिटिश हकूमत ने लाहौर जेल में रखा, देश विभाजन के बाद पाकिस्तान छूट गईं हिंदू लड़कियों का किया पुनर्वास, हिमाचल की पहली विधानसभा की बनी सदस्य

Spread the love

हमीरपुर से वीरेंद्र शर्मा ‘वीर’ की रिपोर्ट

आज़ादी के लिए जहां पुरुषों ने अपना योगदान दिया वहीं महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। हिमाचल की ऐसी ही महिलाओं में एक थीं सरला शर्मा। सरला शर्मा 19 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता संग्राम में कूद गई थीं। वर्ष 1942 में स्वतंत्रता के लिए चले आंदोलन में उन्हें अंग्रेज सरकार ने छह साल के लिए धर्मशाला स्थित जेल में डाल दिया था। बाद में लाहौर जेल भेज दिया। भारत के विभाजन के बाद कुछ दिन सरला शर्मा पाकिस्तान में रही और वहां रहकर पाकिस्तान में छूट गईं हिंदू लड़कियां का पुनर्वास किया।  1 नवंबर 1966 को पंजाब के पुनर्गठन के बाद सरला हिमाचल की पहली विधानसभा की सदस्य बनीं। इसके बाद अगला चुनाव कुटलैहड़ से जीतकर सरला शर्मा 1972 से 1977 तक प्रदेश सरकार में मंत्री रहीं। वह हिमाचल सरकार में भी मंत्री रहीं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष, खादी बोर्ड और हिप्र लघु उद्योग और निगम की अध्यक्ष रहीं।आज़ादी का अमृत महोत्सव : बम विस्फोटक सामग्री जुटाकर क्रांतिकारियों तक पहुंचाने वाले ब्रिटिश हुकूमत की आंखों की किरकिरी थे सिद्धु खराड़ा , खौफ से  इस क्रांतिकारी को सजा सुनाने वाले जज का किया था तबादला

पंजाब में हुआ जन्म, कामरेड परस राम से किया विवाह
सरला शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1922 को जड़ांवाला (पश्चिम पंजाब) में हुआ था। मैट्रिक तक शिक्षा ग्रहण की। वर्ष 1939 में छात्र आंदोलन में प्रवेश किया। वर्ष 1940 में ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वर्ष 1941 में स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी सिपाही कामरेड परस राम के साथ सरला शर्मा का विवाह हुआ। फिर दोनों पति-पत्नी ने महात्मा गांधी के दर्शाये मार्ग पर चलकर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। पहाड़ी गांधी बाबा कांशी राम के साथ भी दोनों पति पत्नी ने क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया। आज़ादी का अमृत महोत्सव : ‘सिंध के गांधी’ वतन को आजाद करवाने की हसरत में मंडी के हरदेव ने छोड़ी अध्यापक की नौकरी, अमेरिका से जापान ओर फिर शंघाई पहुंचकर गदर पार्टी में हुए शामिल, 1914 में आजादी का सपना लेकर लौटे भारत

लाहौर जेल में भी रहीं, लड़कियों का पुनर्वास
1942 में सरला शर्मा को स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेने के चलते अंग्रेजों ने सरला शर्मा को बैजनाथ में गिरफ्तार कर धर्मशाला जेल में बंद कर दिया। छह माह की सजा काटने के लिए लाहौर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।  गया। भारत विभाजन के बाद स्वतंत्रता सेनानी मृदुला साराभाई ने समाजसेवी संगठन बनाया। संगठन का उद्देश्य हिंदू परिवारों की जो लड़कियां विभाजन के समय पाकिस्तान में रह गई थीं, उनके पुनर्वास व शिक्षा और पाकिस्तान से वापिस लाने के लिए कार्य करना था। वर्ष 1948 से 1952 तक सरला शर्मा पाकिस्तान में ही रहीं। पाकिस्तान में रहकर उन्होंने हिंदू परिवारों की बिछुड़ी हुई हिंदू लड़कियों के पुनर्वास के लिए कार्य किया। महात्मा गांधी के विचारों से ओत-प्रोत सरला शर्मा ने ताउम्र खादी का ही उपयोग किया।आज़ादी का अमृत महोत्सव : ‘जन मण गन’ राष्ट्रीय गान के बजने पर पूरा भारत देशभक्ति के रंग में डूब जाता है, धर्मशाला के खनियारा गांव से थे इसकी धुन के रचयिता कैप्टन राम सिंह ठाकुर

हिमाचल की पहली विधानसभा की सदस्य बनी
1952 में सरला जयपुर लौट आईं और वर्ष 1957 में पहली बार पंजाब विधानसभा में तत्कालीन जिला कांगड़ा के बड़सर से चुनाव लड़ी व जीती। 1 नवंबर 1966 को पंजाब के पुनर्गठन के बाद सरला हिमाचल की पहली विधानसभा की सदस्य बनी। इसके बाद अगला चुनाव कुटलैहड़ से चुनाव जीतकर सरला शर्मा 1972 से 1977 तक प्रदेश सरकार में मंत्री रहीं।आज़ादी का अमृत महोत्सव : शहीदे-आज़म भगत सिंह, सुखदेव और भगवती चरण की दोस्ती ने यशपाल के अंदर क्रांति की मशाल जलाई, बंदूक और कलम से लड़ी आज़ादी की लड़ाई 

राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
वर्ष 1979 में सरला शर्मा को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया और 1982 तक सरला शर्मा ने प्रदेश में कांग्रेस को सशक्त किया। उसके बाद सरला शर्मा ने राजनीति के बजाय समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य करने को प्राथमिकता दी। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वतंत्रता संग्राम में उनके सराहनीय योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया था। मई 2013 में 92 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।आज़ादी का अमृत महोत्सव : छात्राकाल में जगी क्रांति की अलख, क्रांतिकारियों के लिए जुटाया धन, घर छोड़ संगठन में हुई शामिल, आज़ाद के बाद बनी चीफ इन कमांडर प्रकाशवती ने जेल में किया था क्रांतिकारी यशपाल के साथ विवाह


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.