आज़ादी का अमृत महोत्सव : क्रांति की लौ जगाने में  मियां जवाहर के सिपहसालार जवाहर नरयाल की रही मुख्य भूमिका, 1915 को नागचला के लाकिया गोसाई के घर में हुई लूट में थे शामिल, ऐसे क्रांतिकारियों का विभाग के पास नहीं कोई रिकार्ड

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मंडी से विनोद भावुक की रिपोर्ट

गदर आंदोलन में मंडी के क्रांतिकारियों में जहां सिद्धू नाम के दो क्रांतिकारी थे, वहीं जवाहर नाम के भी दो व्यक्ति एक साथ क्रांति की लौ जला रहे थे। एक तरफ जहां मियां जवाहर सिंह विस्फोटक, हथियारों व गोला बारूद को क्रांतिकारियों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे, वहीं जवाहर नरयाल उनके खासमखास सिपहसालार बनकर काम कर रहे थे। जवाहर नरयाल उस समय बहुचर्चित मंडी षड्यंत्र केस में अन्य आरोपियों मियां जवाहर सिंह, बद्री व लोंगू साहित आरोपी थे। यह दुखद है कि प्रदेश के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से 1992 में प्रकाशित हिमाचल प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम के संक्षिप्त इतिहास नाम पुस्तक में गदर के आंदोलन में जवाहर नरयाल  के बारे में जिक्र तक नहीं है। हालांकि मंडी षड्यंत्र केस व ट्रायल सप्लीमेंट्री ऑफ  मंडी कांस्परेसी केस में जवाहर नरयाल के मंडी व सुकेत में सक्रिय क्रांतिकारी होने, नागचला डकैती में शामिल होने, मंडी षड्यंत्र केस में आरोपी होने और सजा होने के पुख्ता प्रमाण हैं। ऐसे में इस क्रांतिकारी को सम्मानित करना तो दूर उनके व्यक्तित्व पर  कभी कोई गंभीर चर्चा नहीं पाई है।आज़ादी का अमृत महोत्सव : एक आयरिश लेडी ने नाटकों में भारतीय संस्कृति को उभारकर ब्रिटिश हुकूमत को दी थी चुनौती, दिल में भारत के लिए प्रेम लेकर इंग्लैंड से लौट आईं नोरा रिचर्ड्स ने कांगड़ा के अंद्रेटा में किया बसेरा, यहीं नाटकशाला बनाकर ग्रामीणों को दिया अभिनय का प्रशिक्षण, इनकी ख्याति से प्रभावित होकर महान अभिनेता पृथ्वीराज कपूर और बलराज साहनी भी आये थे अंद्रेटा  

कई मामलों में थी अहम भूमिका
मंडी के क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश खजाने को लूटने, मंडी के पुल को उड़ाने, अंग्रेस सुपरीटेंडेंट व मंडी रियासत के वजीर को मौत की घाट उतारने की जो योजना बनाई थी, उसमें मियां जवाहर के साथ जवाहर नरयाल की भूमिका अहम थी। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ इस षड्यंत्र की योजना बनाने में वह अन्य क्रांतिकारियों के साथ दिसंबर 1914 में मियां जवाहर सिंह के घर केपास पीपल के पेड़ के नीचे हुई बैठक में शामिल थे। वहीं जनवरी 1915 में बड़सू में इस योजना का अमलीजामा पहनाने के लिए हुई बैठक में भाग लिया था। वह जनवरी 1915 को नागचला के लाकिया गोसाई के घर में हुई लूट में शामिल थे।आज़ादी का अमृत महोत्सव : 19 की आयु में स्वतंत्रता संग्राम में कूदी सरला शर्मा को ब्रिटिश हकूमत ने लाहौर जेल में रखा, देश विभाजन के बाद पाकिस्तान छूट गईं हिंदू लड़कियों का किया पुनर्वास, हिमाचल की पहली विधानसभा की बनी सदस्य

मंडी षड्यंत्र के केस में  सजा
गदर के अन्य क्रांतिकारियों सहित जवाहर नरयाल को भी ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन पर देशद्रोह का मुकद्मा चलाया गया। इस केस में अन्य क्रांतिकारियों के साथ जवाहर नरयाल को भी कठोर  सजा दी गई। गदर के दौर में अहम भूमिका अदा करने वाले जवाहर नरयाल के बारे में कभी प्रदेश के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग ने ज्यादा जानकारी जुटाने की जरूरत नहीं समझी। अदालती कागजों और ब्रिटिश सरकार के फैसलों में तो जवाहर नरयाल के बारे में सारी जानकारी है।आज़ादी का अमृत महोत्सव : बम विस्फोटक सामग्री जुटाकर क्रांतिकारियों तक पहुंचाने वाले ब्रिटिश हुकूमत की आंखों की किरकिरी थे सिद्धु खराड़ा , खौफ से  इस क्रांतिकारी को सजा सुनाने वाले जज का किया था तबादला

ऐसे क्रांतिकारियों का विभाग के पास नहीं रिकार्ड
जवाहर नरयाल को स्वतंत्रता सेनानी का सम्मान मिलना तो दूर, उनका नाम तक सरकारी स्कूलों किताबों में देखने को नहीं मिलता। दुखद है कि गदर में मंडी व सुकैती रियासतों से संबंधित क्रांतिकारियों के बारे में बेहद कम जानकारी उपलब्ध है। हालांकि प्रदेश के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग को गदर के क्रांतिकारियों के बारे में विस्तृत शोध व अध्ययन के बाद स्टीक जानकारी एक पुस्तक के रूप में देनी चाहिए।आज़ादी का अमृत महोत्सव : छात्राकाल में जगी क्रांति की अलख, क्रांतिकारियों के लिए जुटाया धन, घर छोड़ संगठन में हुई शामिल, आज़ाद के बाद बनी चीफ इन कमांडर प्रकाशवती ने जेल में किया था क्रांतिकारी यशपाल के साथ विवाह


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