चुवाड़ी से आशीष बहल की रिपोर्ट

रवि भारद्वाज चम्बा के छोटे से गांव से निकल कर आज चीन में सफल योग गुरू है और भारतीय संस्कृति के विस्तार में लगा है। रवि ने  ऐसा कैरियर चुना है कि समाजसेवा के साथ भारत दर्शन का अदभुत संगम चीन के लोगों को करवा रहा है। रवि की यंहा तक पंहुचने का सफर कोई आसान नहीं रहा। सन 1990 में ज्ञान चंद के घर पैदा हुए रवि ने कड़ा संघर्ष किया है। परिवार पिता सरकारी विभाग में ड्राईवर थे और माता गृहणी है। रवि पढ़ाई में एक औसत छात्र था और जमा दो के बाद पढाई से मन बिलकुल हट गया। पैसा कमाने के लिए बद्दी गया, लेकिन एक साल विभिन्न काम करने के बावजूद स्थापित नहीं हो पाया।

बाबा रामदेव के पतंजली योगपीठ हरिद्वार से योग शिक्षा हासिल कर पड़ोसी देश में सफल योग ट्रेनर बनने वाले एक साधारण युवक की आसाधारण सक्सेस स्टोरी 

 
 बाबा रामदेव की पंताजली योगपीठ से योग की शिक्षा
 
रवि के जीवन में बदलाव की कहानी  दिलचस्प है। चुवाड़ी शहर में रवि के ताया सुखदेव भरद्वाज के घर हैं। बद्दी से घर लौटते हुए रवि एक बार चुवाड़ी में रात को रूका। उसके चचेरे भाइयों दलीप भारद्वाज और कुलदीप भारद्वाज ने उसे सलाह दी कि वे पतंजली  विद्यापीठ हरिद्वार में दाखिला लेकर योग में स्नातक डिग्री कर ले।  रवि ने भाईयों  की बातें सुनी और पतंजली येगपीठ से जाने के लिए तैयार हो गया। रवि के भाई दलीप भरद्वाज उसे अपने साथ पतंजली योगपीठ ले गये और वंहा दाखिल करवा दिया।
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  सन 2010 में  रवि में पतंजली योगपीठ में योग की पढ़ाई की और तीन साल योग के गूढ़ रहस्यों और बारीकियों को समझा। सन 2013 में वह बाबा रामदेव का आशीर्वाद लेकर योग की शिक्षा और प्रचार के लिए वंहा से निकल आया। पतंजली से निकलने के बाद रवि पर भारतीय दर्शन की अमिट छाप पड़ चुकी थी ध्येय था तो बस एक योग और संस्कृति को दुनिया तक पंहुचाने का। अब उसने योग और देश की संमृद्य संस्कृति के प्रचार का प्रण ले लिया।
 
 गुडग़ांव- चंडीगढ़ के बाद चीन के लिए उड़ान
रवि ने शुरूआती  दौर में  गुडगांव योगा हेल्थ केयर योगा स्टूडियो में एक साल योग शिक्षा दी और कई योग शिविर लगाए। उसके बाद चंडीगढ़ में एक वर्ष तक योगा अध्यापक के रूप में कार्य किया। सन 2015 में  उसने योग की शिक्षा देने के लिए चीन का रुख किया। चीनी भाषा का ज्ञान न होने के बावजूद रवि ने वहां खुद को योग गुरू के रूप में स्थापित किया। वह चीन में योग के साथ भारतीय दर्शन का भी प्रचारक है
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