शब्द-शिल्प

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नदी हूं मैं
सदियों से सभ्यता,
संस्कृति
फलती
फूलती रही है
मेरी तलहटी में।
मैंने सूखे खेत सींचकर
रखे हैंं जि़न्दा
सभी आयाम
जीवन के।
बहने दो
मुझे अपने रस्ते
अपने वेग से
करते हुए
कलकल-कलकल
मत बांधों
मत रोको
चलने दो मुझे
पल-पल, हरपल।
जानती हूं मैं
अपना रस्ता बनाना
मत मारो कुदाली
मेरे किनारों को

 मेरा बहाव अगर मुड़ गया

तो

नि:सन्देह मेरे उफनते वेग में
जल-प्लावित हो उठेंगे
रिश्तों के सब खेत-खलिहान।
और खो बैठेगा
ममता का जल
अपना प्रवाह
मन के धान
डूब जाएंगे
फिर उफनते वेग में।
मुझे बहने दो
कलकल-कलकल
पल-पल, हरपल
मत भूलो
शोषित नारी
और
खंडित नदी
होती हैं एक सी
बेपरवाह हो दोनों
बहा ले जाती हैं बहुत कुछ!

 रचना : डॉ. उर्मिला कौशिक ‘सखी

 जन्म :16 नवम्बर , 1976 गांव मोई हुड्डा, जिला सोनीपत, हरियाणा।dr-_urmila_kaushik__sakhi_
शिक्षण : कुरुक्षेत्र विश्वविधालय
संप्रति : चरित्र अभिनेत्री एवं आकाशवाणी चंडीगढ़ में नैमित्तिक उद्घोषिका ।
प्रक्राशित कृतियां : चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के सौजन्य से कहानी-संग्रह ‘नमस्ते जी’ 2015 में प्रक्राशित।
हरियाणवी उपन्यास ‘सैल्यूट’-2013 में प्रक्राशित ।
हरियाणा साहित्य अकादमी के सौजन्य से काव्य संग्रह ‘कागज़़ की पीठ पर’ 2013 में प्रक्राशित।
हरियाणा साहित्य अकादमी के सौजन्य से क्राव्य संग्रह ‘बादलों से झांकता चांद’ 2008 में प्रक्राशित व भारतीय साहित्य परिषद द्वारा पुरस्कृत ।
रजनात्मक पहलू : उपन्यास, कहानी, पटकथा, गज़़ल, गीत, कविता, समीक्षा व अभिनय।
अभिनय : हिन्दी फीचर फिल्म ‘स्ट्रीट डांसर’, ‘कुल ज्योति’, ‘सिर्फ़ तेरे लिए’  व ‘एक और चन्द्रमुखी’ एवं हरियाणवी फीचर फिल्म ‘चन्द्रावल-2’, ‘फाईटर-वार 4 लव’  व ‘बिन तेरे बेचैन’ में अभिनय।
विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर द्वारा ”विद्या वाचस्पति की  मानद् उपाधि
पुरस्कार: सुभद्रा कुमारी चौहान राष्ट्रीय अवार्ड-2014′, डॉ0 अमृता प्रीतम नेशनल अवार्ड – 2014, ‘अन्तर्राष्ट्रीय बुद्घिजीवी रत्न अवार्ड – 2009′ गोस्वामी तेज़भान अवार्ड – 2008′
सम्मान : उदन्त मार्तण्ड सम्मान-2013, विश्व कवि संत कबीर दास सम्मान – 2011।
वर्तमान पता: 1461-बी, सैक्टर &7-बी, चंडीगढ़ – 160036
स्थाई पता : गांव मुकीनपुर, तह व जिला सोनीपत, हरियाणा।
मोबाइल : 09216701966.

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गज़ल
खुदा की पाक रहमत तो  हसीं फऱमान है बेटी,dr-_urmila_kaushik__sakhi_
अगर समझो तो दुनिया के लिए वरदान है बेटी।
ग़मों के साज़ पर भी जो ख़्ाुशी की ताल बैठा दे,
कि ऐसी  एक अलबेली   सुरीली तान है बेटी।
इसी के दम से हैं रस्में, इसी के दम से हैं  रिश्ते,
जहाने-खूब 1 की बुनियाद तो इमकान(2) है बेटी।
ये बाबुल की पलक पे बैठ इतराए  वो तितली है,
कि ज़ीनत है घरों की तो चमन की शान है बेटी।
नफ़ासत है, नज़ाक़त है, इबादत है, अदा भी है,
खुदा  की  ख़्ाूबसूरत नज़्म  का उनवान है बेटी।
सभी रक्खें गरज़़ इससे, किसी को ये, किसी को वो,
कि अपनों के तक़ाज़ों से, सजा गुलदान  है  बेटी।
बने  दुख-दर्द  की साथी,  बढ़ाए  हौसला सबका,
न चाहे कुछ भी बदलें में, ये कुल की आन है बेटी।
अक़ीदत है किसी की ये तो कोई बोझ भी समझे,
यहां  इंसान  के ईमान  की पहचान   है  बेटी।
पराई जानकर इसको, ‘सखी’ जो क़हर  ढ़ाते हैं,
न भूलें वें,  किसी की जान तो ईमान है बेटी।

 रचना : डॉ. उर्मिला कौशिक ‘सखी

 जन्म :16 नवम्बर , 1976 गांव मोई हुड्डा, जिला सोनीपत, हरियाणा।
शिक्षण : कुरुक्षेत्र विश्वविधालय
संप्रति : चरित्र अभिनेत्री एवं आकाशवाणी चंडीगढ़ में नैमित्तिक उद्घोषिका ।
प्रक्राशित कृतियां : चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के सौजन्य से कहानी-संग्रह ‘नमस्ते जी’ 2015 में प्रक्राशित।
हरियाणवी उपन्यास ‘सैल्यूट’-2013 में प्रक्राशित ।
हरियाणा साहित्य अकादमी के सौजन्य से काव्य संग्रह ‘कागज़़ की पीठ पर’ 2013 में प्रक्राशित।
हरियाणा साहित्य अकादमी के सौजन्य से क्राव्य संग्रह ‘बादलों से झांकता चांद’ 2008 में प्रक्राशित व भारतीय साहित्य परिषद द्वारा पुरस्कृत ।
रजनात्मक पहलू : उपन्यास, कहानी, पटकथा, गज़़ल, गीत, कविता, समीक्षा व अभिनय।
अभिनय : हिन्दी फीचर फिल्म ‘स्ट्रीट डांसर’, ‘कुल ज्योति’, ‘सिर्फ़ तेरे लिए’  व ‘एक और चन्द्रमुखी’ एवं हरियाणवी फीचर फिल्म ‘चन्द्रावल-2’, ‘फाईटर-वार 4 लव’  व ‘बिन तेरे बेचैन’ में अभिनय।
विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर द्वारा ”विद्या वाचस्पति की  मानद् उपाधि
पुरस्कार: सुभद्रा कुमारी चौहान राष्ट्रीय अवार्ड-2014′, डॉ0 अमृता प्रीतम नेशनल अवार्ड – 2014, ‘अन्तर्राष्ट्रीय बुद्घिजीवी रत्न अवार्ड – 2009′ गोस्वामी तेज़भान अवार्ड – 2008′
सम्मान : उदन्त मार्तण्ड सम्मान-2013, विश्व कवि संत कबीर दास सम्मान – 2011।
वर्तमान पता: 1461-बी, सैक्टर &7-बी, चंडीगढ़ – 160036
स्थाई पता : गांव मुकीनपुर, तह व जिला सोनीपत, हरियाणा।
मोबाइल : 09216701966.

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